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दिवाली से पहले सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, पटाखों पर पूरी तरह रोक नहीं

न्यायमूर्ति एम.एम. सुन्दरेश और न्यायमूर्ति एजी मसीह की पीठ ने कहा कि इस मामले में संतुलित रास्ता निकालने की जरूरत है। प्रदूषण को नियंत्रित करने के साथ लोगों की सेहत , धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को भी ध्यान में रखना होगा।

Anshu Kumari
Anshu Kumari
1 October 2026, 9:09 pm• 2 min read

भारतीय जनसंचार संस्थान IIMC द्वारा प्रशिक्षित अंशु कुमारी, सांस्कृतिक और सामाजिक मुद्दों पर लिखने वाली पत्रकार है।

दिवाली से पहले सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, पटाखों पर पूरी तरह रोक नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली से पहले पटाखों के इस्तेमाल को लेकर पूर्ण प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया। साथ ही कोर्ट ने कहा कि इसका मतलब ये नहीं है कि लोगों को 24 घंटे पटाखे जलाने की अनुमति है। सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को दिवाली से पहले पटाखें जलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने को लेकर सुनवाई चल रही थी। इस दौरान न्यायालय ने कहा कि पटाखों के इस्तेमाल को लेकर लोगों के भावनाओं को आहत किए बिना एक संतुलित रास्ता निकाला जाना चाहिए। वहीं अदालत ने यह भी कहा कि पटाखों से होने वाले वायु प्रदूषण को भी नाकारा जा सकता है। पटाखे जलाने के लिए समय निर्धारित कर यह भी तय किया जाएगा कि किस तरह के पटाखों की अनुमति होगी।

न्यायमूर्ति एम.एम. सुन्दरेश और न्यायमूर्ति एजी मसीह की पीठ ने कहा कि इस मामले में संतुलित रास्ता निकालने की जरूरत है। प्रदूषण को नियंत्रित करने के साथ लोगों की सेहत , धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को भी ध्यान में रखना होगा। वहीं, न्यायालय ने पटाखों में इस्तेमाल होने वाले रसायनों तथा उनसे निकलने वाले प्रदूषित धुएं पर भी चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि पटाखों में इस्तेमाल होने वाले ऐसे रसायनों पर रोक लगाना चाहिए जिससे वायु प्रदूषित होता है। सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्र सरकार से इस दिशा में समाधान तलाशने के निर्देश दिए। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और केंद्र सरकार को पटाखों में इस्तेमाल होने वाले बेरियम और शोर के स्तर (डेसिबल) की जांच के लिए संयुक्त टेस्ट करने को कहा है।

सुनवाई के दौरान दिल्ली-एनसीआर में दिवाली के आसपास बढ़ने वाले प्रदूषण का मुद्दा भी उठाया गया । हर साल दिवाली से पहले दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण की समस्या गंभीर हो जाती है। जिससे दिवाली से पहले ही वायु प्रदूषण बढ़ने लगता है। ऐसे में पटाखें पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना इस मामले का समाधान नहीं है। क्योंकि हर साल दिल्ली में दिवाली से पहले पटाखों को लेकर प्रतिबंध या नियम बनाए जाते है इसके बावजूद भी प्रदूषण होता ही है। इसलिए पटाखों के इस्तेमाल को लेकर प्रभावी नियम जरूरी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को निर्धारित की है।