बस्ती जिले से अलग होकर सन् 1997 में संत कबीर नगर जिला बनाया गया, जिसमें तीन विधानसभा हैं। मेहदावल (312), खलीलाबाद (313) और धनघटा (314) (अ०जा० - अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित) है। तीनों विधानसभा में वर्तमान विधायक एनडीए गठबंधन के हैं, जिसमें खलीलाबाद सदर से अंकुर राज तिवारी व धनघटा से गणेश चंद्र चौहान बीजेपी से हैं और मेहदावल से अनिल कुमार त्रिपाठी निषाद पार्टी से हैं।
खलीलाबाद सदर सीट के विधायक के बारे में वहां के लोगों का कहना है कि स्थानीय समस्याओं के निवारण पर ध्यान नहीं देते हैं, जिससे बरसात के मौसम में लगता है कि शहर में नाव चलाना पड़ेगा। सड़क जर्जर और जाम की स्थिति तो बनी रहती है, क्योंकि नगरपालिका खलीलाबाद में अभी तक बस स्टैंड नहीं है, अभी निर्माणाधीन है।
शहर के बंजरिया वार्ड नं 17 के लोगों का कहना है कि मुहल्ले की गली व नाली पिछले 15 सालों से नहीं बनी। चेयरमैन से लेकर विधायक तक बस आश्वासन ही मिला है। स्थानीय युवाओं का कहना है कि जब बारिश होती है तो गली में घुटने तक पानी लग जाता है, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है और महिलाओं को मुहल्ले के मंदिर जाने में कठिनाई होती है, जिस पर किसी का ध्यान नहीं है।
चुनावी माहौल क्या है?
खलीलाबाद सदर सीट के लिए 2022 विधानसभा चुनाव में अंकुर राज तिवारी ने सपा के उम्मीदवार दिग्विजय नारायण को 12,622 वोटों से हराया था। 2022 में अंकुर राज तिवारी को कुल 76,086 वोट, तो वहीं दिग्विजय नारायण को 63,464 वोट मिले थे।
समस्याएं तो अपनी जगह हैं ही, लेकिन जो जिस पार्टी के समर्थक हैं, कह रहे हैं वोट तो उन्हीं को देंगे। सपा वाले सपा को और बीजेपी वाले बीजेपी को, क्योंकि पार्टी से बड़ी लोगों को समस्या नहीं दिख रही है।
कुछ लोगों का कहना है कि हमारे पास के जिले सहजनवा में कारखाने लगे, कई लोगों को रोजगार मिला है। वहीं हमारे जिले में न तो कारखाने लगे, न रोजगार मिला। युवाओं का कहना है, 12 घंटे काम करते हैं, तब कुछ पैसे कमा पाते हैं। बेरोजगारी से हम लोग परेशान हैं और चाहते हैं कि इस बार ऐसी सरकार आए, जो युवाओं को रोजगार दें।
अब देखना होगा कि 2027 विधानसभा चुनाव में संत कबीर नगर जिले की तीन विधानसभा सीटें किसके झोली में जाती हैं। राजनीति जानकारों का कहना है कि सदर विधानसभा में यादव व मुस्लिम वोटरों की संख्या ज्यादा है, लेकिन कई दल के उम्मीदवार खड़े हो जाने की वजह से वोटों का विखराव हो जाता है। जैसे 2022 में आठ पार्टियों के उम्मीदवारों के अलावा 4 निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनावी मैदान में थे।
खलीलाबाद सदर सीट से पिछले दो बार से बीजेपी के ही विधायक जीत रहे हैं। अब देखना होगा कि 2027 विधानसभा चुनाव में बदलाव होता है या बीजेपी हैट्रिक लगाएगी।


