बुधवार को Indian Express में आई एक खबर ने पूरे भारत में खलबली मचा दी है। खबर में था कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मतदाता लिस्ट को लेकर दो आयुक्त यानी डॉ. विवेक जोशी और डॉ. सुखवीर सिंह संधू ने कई बिंदुओं पर लिखित रूप से अपनी आपत्ति जताई थी, फिर भी वह फैसले हुए।
इस खबर के बाद विपक्ष ने हमला शुरू किया। हर कोई मुख्य आयुक्त ज्ञानेश कुमार की इस्तीफा मांगने लगा।
क्या कहा विपक्ष के नेताओं ने?
अखिलेश यादव
पिछले 10 महीनों में दो चुनाव आयुक्त ने निर्वाचन आयोग के गलत निर्णयों पर 14 बार अपनी आपत्ति दर्ज़ कराई है। इसका सीधा मतलब ये है कि सभी चुनाव आयुक्त अपना सही काम नहीं कर पा रहे हैं। एक स्वतंत्र निकाय के सदस्यों को अगर न्यायपूर्ण कार्य करने की स्वतंत्रता नहीं है या उनकी कोई सुनवाई नहीं है तो ये लोकतंत्र के लिए बेहद घातक और ख़तरनाक हालात हैं। कुछ लोगों द्वारा सत्ता की कठपुतली बनकर लोकतंत्र को धोखा देना घोर सांविधानिक अपराध है। ये लोकतंत्र को मिटाने के किसी षड्यंत्र से कम नहीं है।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय स्वत: संज्ञान ले!
राहुल गांधी
मैं इलेक्शन कमिशन और और इलेक्शन के ऑफिसर को साफ कह रहा हूँ, ये जो आप कर रहे हो गलत कर रहे हो ये गद्दारी है,देश के खिलाफ है ये मत भूलिए। टाइम आएगा हम आपको पकड़ेंगे बचने वाले नहीं हो
अरविंद केजरीवाल
ज्ञानेश कुमार अकेले चुनाव आयोग चला रहे हैं, बिना चुनाव आयोग के अप्रूवल के जितने भी आदेश जारी किए गए हैं, वे सब गैरकानूनी हैं। हम मांग करते हैं पूरा SIR का प्रोसेस तुरंत रद्द होना चाहिए।
और ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार करके तुरंत उन पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा चलाया जाए और पिछले कुछ सालों में जितने चुनाव हुए हैं, वे सब रद्द करके दोबारा करवाए जाएं।
मल्लिकार्जुन खड़गे
श्री राहुल गांधी ने जिस वोट चोरी और SIR का लगातार देश के सामने पर्दाफाश किया, आज वो सवाल सही साबित हो रहे है। ये लोकतंत्र से खिलवाड़ है। 24 अप्रैल 2026 को 73 विपक्षी राज्यसभा सांसदों ने CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए Secretary General को नया Notice of Motion सौंपा था। संसद का Monsoon Session अभी तक prorogue नहीं हुआ है।क्या माननीय राज्यसभा सभापति अब उस लंबित Notice पर निर्णय लेंगे?
प्रियंका गांधी
जो भी हमारे चुनावों की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ करता है, वह इस देश के साथ देशद्रोह कर रहा है। चुनाव आयुक्त पर देशद्रोह के आरोप में मुकदमा चलाया जाना चाहिए।
CJP ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम
इसी बीच आज यानी 24 सितम्बर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीजेपी यानी कॉकरोच जनता पार्टी ने 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया। सीजेपी फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा 48 घंटे में नहीं देंगे तो सीजेपी राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेंगी।
CJP की तीन मांग क्या है?
मुख्य चुनाव आयुक्त 48 घंटे के भीतर अपने पद से इस्तीफा दें।
मतदाता सूची और चुनावी निष्पक्षता पर कार्रवाई: चुनावी प्रक्रियाओं और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र और निष्पक्ष समीक्षा की मांग।
2023 के कानून को रद्द करना: चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को निरूपित (रिपील) किया जाए और नागरिक समाज (सिविल सोसायटी) की सक्रिय भागीदारी के साथ एक नया कानून बनाया जाए जो जनता का विश्वास जीत सके!
अब देखना होगा की सरकार इनकी बात मानती है या नहीं...


