भारत आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। इस अवसर पर देशभर में कई कार्यकर्मों का आयोजन किया जा रहा है। राजधानी दिल्ली में राष्ट्रपिता की समाधि राजघाट और पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की समाधि विजय घाट पर प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी.पी.राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल तंरजीत सिंह संधू तथा केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी राजघाट पर प्रार्थना सभा में शामिल होकर महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर राजघाट और लालबहादुर शास्त्री की 127वीं जयंती पर विजयघाट पहुंच कर उनको श्रद्धासुमन अर्पित किए।
महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया के कई हिस्से में जारी संघर्ष के माहौल में गांधी जी के शांति और अहिंसा का संदेश पहले से और अधिक प्रासंगिक हो गया है।उपराष्ट्रपति ने कहा कि सत्य और अहिंसा में महात्मा गांधी का अटूट विश्वास, न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और हर व्यक्ति की गरिमा में उनका गहरा विश्वास मानवता को प्रेरित करता रहेगा। वहीं प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी युगों में बापू के आदर्श मानवता के लिए पथ प्रदर्शक बने रहेंगे।
पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्रपति ने उनके सादगीपूर्ण जीवन, देशसेवा और 'जय जवान, जय किसान' के नारे को याद किया। वहीं उपराष्ट्रपति ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री सत्यनिष्ठा, सादगी, विनम्रता और सहनशीलता के प्रतीक थे जो आम आदमी की भाषा समझते थे। और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शास्त्री जी के “जय जवान, जय किसान” के अमर मंत्र को देश की आत्मा की आवाज बताया।


