जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स में 75 किग्रा बॉक्सिंग के फाइनल में लवलीना बोरगोहेन ने चीनी बॉक्सर बाओ जियी को 5-0 से हराया। इस मुकाबले को जीतने के बाद लवलीना एशियन गेम्स बॉक्सिंग में गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बनीं। इससे पहले ये रिकॉर्ड मैरी कॉम के नाम था। उन्होंने 2014 में कजाकिस्तान की मुक्केबाज झाइना शतेरबेकोवा को 51 किग्रा महिला मुक्केबाजी में हराकर उपलब्धि हासिल की थी।
अपने जन्मदिन को बनाया यादगार
लवलीना बोरगोहेन ने 2 अक्टूबर को अपने 29वें जन्मदिन पर गोल्ड जीतकर याद बना दिया है। वह लगातार दो एशियाई खेलों के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाज भी बनीं। 2022 में आयोजित हांगझोउ एशियाई खेलों में उन्होंने रजत पदक जीता था और इस बार स्वर्ण पदक पर अपना कब्जा जमाया।
मैरी कॉम के गोल्ड जीतने के 12 सालों के बाद लवलीना ने इतिहास दोहराया, जिसके साथ एशियन गेम्स में भारत 12 स्वर्ण पदक, 25 रजत और 35 कांस्य के साथ भारत ने अबतक कुल 72 मेडल जीतकर छठवें स्थान पर है।
कौन है लवलीना बोरगोहेन
लवलीना बोरगोहेन का जन्म 2 अक्टूबर 1997 को हुआ। वे असम के गोलाघाट जिले के बारोमुखिया गाँव से हैं। वे एक साधारण परिवार में पली-बढ़ीं। उनकी दो बड़ी जुड़वाँ बहनें, लिचा और लीमा, किकबॉक्सिंग/मुए थाई करती थीं, जिससे प्रेरित होकर लवलीना ने मुक्केबाजी शुरू की। लवलीना की दोनों बहनें लीमा सीआईएसएफ और लीचा बीएसएफ में कार्यरत है, और देश की सेवा कर रहीं हैं। उन्होंने स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के तहत प्रशिक्षण लिया। उन्हें 2020 में अर्जुन पुरस्कार और 2021 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न, जो भारत का सर्वोच्च खेल सम्मान है, प्राप्त हुआ। 2022 में उन्हें असम पुलिस में डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस नियुक्त किया गया।


